Main haar Gaya yaar

Main haar Gaya yaar


जबसे प्यार में धोका खाया है , हर हुस्नवाले से डर लगता है , अंधेरों की तो आदत नही थी हमें , अब यह आलम है के उजले से भी डर लगता है .


Main haar Gaya yaar
Main haar Gaya yaar


मैने भी किसी से प्यार किया था , थोड़ा नही बेशुमार किया था , हमारी तो ज़िन्दगी ही बदल गयी जब उसने कहा , अरे यार  मैने तो मजाक किया था ।।

वह तो अपने दर्द रो-रो के सुनाते रहे , हमारी तन्हाईओं से आँख चुराते रहे , और हमें बेवफा का नाम मिला , क्यूँकि हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे


Main haar Gaya yaar
Main haar Gaya yaar


मत पूछो मेरे दिल का हाल , आप के दिल भी बिखर जायेंगे , इस लिए नहीं सुनाते अपने दिल का दर्द किसी को , ये सुन के तो तन्हाइ के भी आंसू निकल आएंगे

साड़ी रात न सोये हम , रातो को उठ के कितना रोये हम , बस एक बार मेरा कसूर बता दे रब्बा , इतना प्यार कर के भी क्यों ना किसी के हुए हम


Main haar Gaya yaar
Main haar Gaya yaar


चाहा था हम ने जिसे उसे भुलाया न गया , ज़ख्म दिल का लोगों से छुपाया न गया , बेवफाई के बाद भी इतना प्यार करते है की , बेवफा का इलज़ाम भी उस पर लगाया न गया

दिल को न जाने क्यों तोड़ा उसने , बीच राह में ही साथ छोरा उसने , जब ऐसे ही जाना था उनको , तो फीर ये बंधन क्यों जोड़ा उसने ।


Main haar Gaya yaar
Main haar Gaya yaar


हर एक मुस्कुराहट मुस्कान नहीं होती , नफ़रत हो या मोहब्बत आसान नही होती , आंसू गम के हों या खुशी के होते हैं एक जैसे , इनकी पहचान आसान नही होती

न जाने क्यों हर शाम उदास सी हो गयी है , बहार में भी मेरी ज़िन्दगी वीरन सी हो गयी  है । जिस पल से मैंने जीने की ख़्वाहिश छोड़ दी है उस पल से मौत भी मुझसे नाराज़ सी हो गयी है ।।


Main haar Gaya yaar
Main haar Gaya yaar


अगर मुझसे मोहबत नहीं तो रोते क्यों हो , तन्हाइ में मेरे बारे में सोचते क्यों हो , अगर मंज़िल जुदाई है तो जाने दो मुझे , लौट के कब आओगे पूछते क्यों हो ..


मौसम की नज़ाक़त है हसरतों ने पुकारा है , कैसे कहें के कितना मिस करते हैं , यह शायरी उसी याद का एक इशारा है ।।

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